लखनऊ, अप्रैल 29 -- पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने बुधवार को कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लाभार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ संवाद किया। निशांतगंज स्थित दृष्टिबाधित छात्रावास में आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने कहा कि जन्म से तीन वर्ष के भीतर अगर सही उपचार उपलब्ध हो सकें तो दिव्यांग बच्चे भी सामान्य बच्चों की तरह जीवन जी सकते हैं। इसी उद्देश्य से सरकार ने प्रत्येक जिले में जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र की शुरूआत कर दी है। जिससे प्रारम्भिक अवस्था में ही अगर बच्चे में किसी प्रकार की दिव्यांगता हो तो उसका सही समय पर उपचार हो सकें। दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट एक उन्नत चिकित्सीय तकनीक है, जिसके माध्यम से गंभीर श्रवण बाधित बच्चों को सुनने और बोलने की क्षमत...