कैसे सपने हों साकार..किताबों के बाद स्टेशनरी के बढ़े दाम
रामपुर, अप्रैल 3 -- नया शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही जहां अभिभावक बच्चों के एडमिशन और किताबों के खर्च से जूझ रहे हैं, वहीं अब स्कूलों में बच्चों के उपयोग के सामान पर भी महंगाई का साया नजर आ रहा है। पेंसिल बॉक्स, टिफिन, पानी की बोतल और स्कूल बैग के दामों में बढ़ोतरी से अभिभावकों का बजट और बिगड़ गया है। व्यापारियों के अनुसार खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण प्लास्टिक के कच्चे माल यानी दानों की कीमतों में इजाफा हुआ है। चूंकि अधिकतर स्कूली सामान प्लास्टिक से ही बनता है, इसलिए इसका सीधा असर बाजार में देखने को मिल रहा है। पहले ही किताब, यूनिफॉर्म और फीस के बढ़ते खर्च से परेशान अभिभावकों के लिए यह अतिरिक्त खर्च चिंता का कारण बन गया है। खासकर जिनके एक से अधिक बच्चे हैं, उनके लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। यदि कच्चे माल की कीमतें इसी तरह...
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