कैसे बुझेगी प्यास जब पानी ही नहीं
गुमला, मार्च 17 -- गुमला प्रतिनिधि। गर्मी की शुरुआत के साथ ही गुमला शहर में पेयजल संकट की आहट सुनाई देने लगी है। तापमान बढ़ते ही जिले के नदी,तालाब और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है। फिलहाल शहर की बड़ी आबादी एक ही जल स्रोत पर निर्भर है। गुमला नगर परिषद क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति जिला मुख्यालय से करीब 19 किमी दूर नागफेनी जलापूर्ति केंद्र से की जाती है। यहां बहने वाली कोयल नदी के पानी को फिल्टर कर पाइप लाइन के जरिए शहर तक पहुंचाया जाता है। नगर परिषद क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 20 लाख लीटर यानी लगभग 5.3 लाख गैलन पानी की जरूरत पड़ती है। यही पानी शहर के विभिन्न मुहल्लों तक सप्लाई के माध्यम से पहुंचाया जाता है।गर्मी की शुरुआत के साथ ही कोयल नदी का सू...
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