कैसे चार देशों का विचार बना 11 देशों का ताकतवर वैश्विक मंच, कैसे बना ब्रिक्स; क्यों है इतना अहम
नई दिल्ली, सितम्बर 11 -- बीते दो दशकों में दुनिया का सियासी और आर्थिक नक्शा बहुत तेजी से बदला है और इस बदलाव के ठीक बीचों-बीच ब्रिक्स (BRICS) भी खड़ा है। साल 2001 में 'गोल्डमैन सैक्स' के एक अर्थशास्त्री ने महज एक शब्द 'BRIC' नाम उछाला था, जिसका मकसद ब्राजील, रूस, भारत और चीन जैसी उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं की ताकत को दुनिया के सामने लाना था। लेकिन आज यह कोई बोर्डरूम की चर्चा या महज कागजी शब्द नहीं रहा। यह चार महाद्वीपों में फैला एक ऐसा ताकतवर मंच बन चुका है जो ग्लोबल साउथ यानी दुनिया के विकासशील मुल्कों की बुलंद आवाज है। 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, इस बार कमान भारत के हाथों में है।तेजी से बढ़ता ब्रिक्स का कुनबा आज ब्रिक्स का दायरा बहुत बड़ा हो चुका है। साल 2010 में दक्षि...
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