लखनऊ, सितम्बर 21 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के निर्णय को शीघ्र लागू करने के लिए विद्यालयों से लेकर महाविद्यालयों तक में तैनात शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों व रसोइयों आदि का विस्तृत ब्यौरा एकत्र करने के लिए बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभागों में कवायद तेज कर दी गई है। इस संबंध में संयुक्त सचिव प्रेम कुमार पांडेय की ओर से उच्च शिक्षा निदेशक को पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि 2,480 रुपये प्रति वर्ष प्रति कार्मिक के अनुसार आंकलित करते हुए स्ववित्त पोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों की अंतिम सूचना अविलंब उपलब्ध कराई जाए। इस योजना से लगभग नौ से 10 लाख शिक्षकों और उनके परिवार को लाभ मिलेगा। वास्तविक संख्या एकत्र करने के लिए शिक्षा विभाग अंतिम आंकड़े को अन्तिम रूप देने में ...
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