कुशीनगर, सितम्बर 30 -- पडरौना, निज संवाददाता। अनुदानित महाविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर मंगलवार को जिले के चार अनुदानित महाविद्यालयों के स्ववित्तपोषित शिक्षकों ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा का बहिष्कार किया। शिक्षकों ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इसमें 25 वर्षों से चली आ रही स्ववित्तपोषित व्यवस्था के स्थायी समाधान, पाठ्यक्रमों को अनुदान पर लेने और शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग की।शिक्षकों ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपयोगी है, लेकिन यह नियमित वेतन और सेवा सुरक्षा का विकल्प नहीं हो सकती। प्रदेश के 331 अनुदानित महाविद्यालयों में करीब 25 वर्षों से स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम संचालित हैं। इनमें करीब तीन हजार विश्वविद्यालय अनुमोदित शिक्षक शिक्षण कार्य कर रहे हैं, ल...