लखनऊ, जनवरी 30 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। कैशलेस इलाज की सुविधा से जुड़ा शिक्षा क्षेत्र का एक बड़ा वर्ग कैबिनेट निर्णय की परिधि से अछूता रह गया। महत्वपूर्ण बात यह है कि बीते पांच सितंबर को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा में इस वर्ग को भी प्रमुखता से शामिल किया गया था। गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में हुए निर्णय में इस वर्ग का कहीं भी कोई जिक्र नहीं होने से भारी नाराज़गी है। इसमें उच्च शिक्षा से जुड़े अशासकीय एडेड डिग्री कालेजों के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों के साथ-साथ स्ववित्त पोषित डिग्री कालेजों के शिक्षक के अलावा अल्प मानदेय वाले कस्तूरबा के चपरासी, चौकीदार एवं रसोइये शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने बेसिक, माध्यमिक तथा उच्च शिक्षा के स्ववित्त पोषित एवं सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों व महाविद्यालयों के शिक्षकों व उनके परिवार के आश्रि...
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