भभुआ, अगस्त 7 -- कुछ गर्मी से सूख गए, कुछ पौधों को मवेशी खा गये और कुछ पराली में लगी आग से झुलस गए, इनकी जगह दूसरे पौधे रोपे गए नहर, आहर, पइन, सड़क किनारे, कार्यालय परिसर में किया गया पौधरोपण पौधों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती, गर्मी में होती है ज्यादा दिक्कत ग्राफिक्स 146 ग्राम पंचायत हैं कैमूर जिले के 11 प्रखंडों में 02 लाख पौधे औसतन हर साल लगा रहा प्रशासन ऐसे करें पौधों का बचाव - पौधों की सुरक्षा के लिए उन्हें सही मात्रा में पानी दें - कीटों से बचाव के लिए नीम के तेल का छिड़काव करें - अत्यधिक धूप या पाले से बचाने के लिए शेड या कॅवर का उपयोग करें - समय पर खाद व मिट्टी की गुड़ाई करना जरूरी है जरूरी देखभाल और सुरक्षा के तरीके - मिट्टी की नमी जांच कर ही पानी दें, ताकि जड़ें सड़े नहीं - पौधे की सेहत के लिए समय-समय पर जैविक खाद और पोषक तत्व द...