लखनऊ, मार्च 23 -- घरों और उद्योगों में इस्तेमाल किए गए पानी को शोधित कर फिर से प्रयोग में लाने की नीति को योगी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। शोधित जल पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। प्रयोग किए गए जल को शोधित करने की नीति को तीन चरणों में लागू किया जाएगा।वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शोधित जल के सुरक्षित दोबारा उपयोग (गैर-पेय में उपयोग) के लिए उत्तर प्रदेश राज्य नीति (एसआरटीडब्ल्यू)-2026 को मंजूरी दे दी गई है। नीति के मुताबिक शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में घरों व व्यावसायिक उद्यमों से उत्सर्जित जल-मल के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लान्ट (एफएसटीपी) से शोधित जल के सुरक्षित फिर उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में नगर पालिका उपयोग, सिविल निर्माण, बागवानी, सिंचाई आदि और दूसरे चरण में औद्योगिक ...