लखनऊ, दिसम्बर 2 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता गन्ना उपकर से जुड़े 1960 के कानून को कैबिनेट ने समाप्त करने के लिए मंजूरी दे दी है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट द्वारा 1956 में अस्तित्व में आए उत्तर प्रदेश गन्ना उपकर अधिनियम 1956 को 13 दिसम्बर 1960 को प्रभावी न मानते हुए समाप्त करने के निर्देश दिए गए थे। कोर्ट ने उक्त अधिनियम को राज्य की विधायी क्षमता से परे घोषित कर दिया था। तत्समय संसद द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पूर्व उत्तर प्रदेश गन्ना उपकर अधिनियम-1956 के तहत वसूल किए गए उपकर को विधिमान्य करने के लिए गन्ना उपकर विधिमान्यीकरण अधिनियम-1961 वैलिडेशन एक्ट -196 पारित किया गया था। ऐसे में उत्तर प्रदेश गना उपकर अधिनियम-1956 अस्तित्व में नहीं था लेकिन कहीं-कहीं संदर्भगत उसका उल्लेख किया जा रहा था। कैबिनेट ने अब इस कानून को पूरी तरह से नि्ष्प्रभावी य...
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