लखनऊ, जून 3 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। कैबिनेट ने कृषि उत्पादन मंडी नियमावली में संशोधन कर मंडी सचिवों के वित्तीय अधिकार बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। साथ ही खाद्य तेलों पर लगने वाले प्रयोक्ता प्रभार को शर्तों के साथ समाप्त करने पर भी सहमति प्रदान कर दी है। दरअसल, उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी नियमावली-1965 के नियम 66 क एवं नियम 96 में संशोधन के लिए उत्तर प्रदेश कृषि उत्पादन मंडी (तीसवां संशोधन) नियमावली 2026 के तहत अब तक मंडी सचिवों को 2,000 रुपये तक के वित्तीय अधिकार थे, जिसके तहत वे विशेष परिस्थितियों में 2,000 रुपये तक की शुल्क व सहायता राशि संशोधन अथवा माफ करने के अधिकार रखते थे। यह भी पढ़ें- योगी सरकार ने सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाया, मंथली रिटेनरशिप के ऊपर बहस की नई फीस फिक्स अब इस राशि में वृद्धि की जा सकेगी जिसे म...