लखनऊ, जुलाई 6 -- तीनों स्तरों की पंचायतों को राज्य वित्त आयोग की ओर से दी गई धनराशि में से 1.05 प्रतिशत का खर्च स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) व वित्त आयोग के अंतर्गत गठित वित्त प्रकोष्ठ के राज्य, मंडल, जिले व विकास खंड स्तर पर कार्यरत कर्मियों के मानदेय, तकनीकी व प्रशासनिक कार्यों में किया जाएगा। ऐसे में इस कार्य के लिए कुल 157.38 करोड़ की धनराशि निदेशालय स्तर पर रोके जाने को मंजूरी दे दी गई है।वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य वित्त आयोग के तहत कुल 14988.50 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। जिसमें से 10 प्रतिशत धनराशि यानी 1495 करोड़ रुपये पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय, बैठक भत्ता पर खर्च होगी। यह भी पढ़ें- Roorki News: पोर्टल की गड़बड़ी से अटका 15वें वित्त आयोग का बजट, विकास कार्य ठप वर्तमान वित्तीय वर्ष में करीब 157.38 करोड़ रुपये स्वच्छ...