कैनवास पर जीवंत हुई पीड़िया और कोहबर की लोकपरंपरा
छपरा, सितम्बर 27 -- रंगों में दिखा भोजपुरी लोकजीवन सारण संग्रहालय में तीन दिवसीय भोजपुरी चित्रकला कार्यशाला दूसरे दिन कलाकारों ने उकेरी लोकसंस्कृति की विविध छवियां फोटो - सारण संग्रहालय में चल रही भोजपुरी चित्रकला पर आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन अपनी पेंटिंग बनाते विभिन्न जिलों के कलाकार - कलाकारों द्वारा रविवार को बनाई गई कोहबर और पीड़िया की कलाकृति पेज पांच की लीड छपरा, हमारे प्रतिनिधि। सारण संग्रहालय का सभागार रविवार को भोजपुरी लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर रहा।
कार्यशाला की गतिविधियाँ तीन दिवसीय भोजपुरी चित्रकला कार्यशाला के दूसरे दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब दो दर्जन महिला-पुरुष कलाकारों ने अपनी तूलिका से भोजपुरी लोकजीवन की समृद्ध परंपराओं को कैनवास पर जीवंत किया। खास तौर पर पीड़िया और कोहबर शैली में कलाका...
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