नई दिल्ली, सितम्बर 28 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। उच्च न्यायालय ने जेल में कैदियों के साथ अनावश्यक हिंसा व मारपीट को लेकर जेल वार्डन को कड़ी चेतावनी दी है। न्यायालय ने कहा कि एक बार स्थिति काबू में आने व कैदियों के अपनी-अपनी कोठरियों में लौट जाने के बाद उन्हें डंडे से पीटना पूरी तरह अनावश्यक व अस्वीकार्य है। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह व न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने यह टिप्पणी की। 26 जून को जेल के खुले हिस्से में करीब 10-12 कैदियों के बीच झगड़ा हुआ था। यह भी पढ़ें- कोठरियों से निकालकर कैदियों को पीटने पर दिल्ली HC की चेतावनी- आगे ऐसा किया तो...जेल वार्डन की कार्रवाई वार्डन ने शुरुआत में डंडे से कैदियों को हटाया, जिसके बाद वे अलग होकर अपनी-अपनी कोठरियों या कमरों में लौट गए। हालांकि, बाद में वार्डन अतिरिक्त कर्मचारियों के साथ दोबारा वहां पहु...