गोरखपुर, मार्च 10 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। शादी और मांगलिक कार्यों में कैटरिंग करने वाले ऑर्डर पूरा करने को लेकर मुश्किल में फंसे हैं। ऑर्डर पूरा करने के लिए तमाम कैटर्स कोयला और लकड़ी का सहारा ले रहे हैं। कैटरिंग का काम करने वाले राजेश छापड़िया का कहना है कि 20 मार्च तक 5 स्थानों पर कैटरिंग का काम है। अब खाना पकाने के लिए कोयला और लकड़ी का सहारा लेने की मजबूरी है। कारोबारी अजय श्रीवास्तव 'अतुल' का कहना है कि कोयला और लकड़ी महंगा तो पड़ता ही है, प्रदूषण को लेकर ठीक भी नहीं है। कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिलने से नई बुकिंग पर विचार करना पड़ रहा है।
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