लखनऊ, अप्रैल 24 -- कैंसर संस्थान और भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान के बीच शुक्रवार को करार हुआ। इस पहल से विषविज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) के क्षेत्र में शोध को नई दिशा मिलेगी। स्वास्थ्य और पर्यावरण पर रासायनिक प्रभावों का अध्ययन होगा। डायग्नोस्टिक टेस्ट भी विकसित किए जाएंगे। संस्थान के निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण मौजूद रहे। दोनों संस्थानों ने औद्योगिक, कृषि और पर्यावरणीय कारकों से उत्पन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। समझौते के तहत वैज्ञानिक ज्ञान के विस्तार, नवाचार को बढ़ावा देने और सतत स्वास्थ्य पद्धतियों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इस मौके पर डीन डॉ. प्रमोद कुमार गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वरुण विजय व आईआईटीआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केसी कल्बे और डॉ. केएम अंसार...