मेरठ, जनवरी 9 -- चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में शोध को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रस्तावित सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसेलिटी (सीआईएफ) पर काम शुरू हो गया है। पीएम ऊषा योजना से बनने जा रही यह सीआईएफ करीब 30 करोड़ रुपये से तैयार होगी। विवि में सीआईएफ कैंटीन से थोड़ा आगे और साहित्य कुटीर के बराबर में बनेगी। 2026 में विवि में सीआईएफ बनकर तैयार होने की उम्मीद है। सीआईएफ में शोध के लिए आधुनिक उपकरण रहेंगे। अभी तक यह सुविधा दिल्ली विवि और आईआईटी रुड़की में है। ऐसे में केमेस्ट्री, फिजिक्स, जूलॉजी, बॉटनी, एग्रीकल्चर बॉटनी सहित विभिन्न विषयों के विद्यार्थियों को अब रिसर्च के लिए डीयू या आईआईटी रुड़की जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीआईएफ में सीसीएसयू प्रदेश का पहला राज्य विवि होगा। सभी विभागों को जोड़ेगी सीआईएफ साहित्य कुटीर के पास ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.