हेमलता कौशिक, दिसम्बर 1 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि केंद्र 5 साल से ज्यादा समय से देश भर में कैंटोनमेंट बोर्डों के चुनाव नहीं करा पाने और बिना चुने अधिकारियों से बॉडीज को चलाने के लिए बार-बार नोटिफिकेशन का इस्तेमाल कर रही है। देश में 60 से ज्यादा कैंटोनमेंट बोर्ड हैं। ये बोर्ड कैंटोनमेंट के तौर पर तय इलाकों के निगम प्रशासन की तरह व्यवस्था देखते हैं। इन बोर्ड के सदस्यों को चुनने के लिए पिछले चुनाव जनवरी 2015 में हुए थे। उन सदस्यों का कार्यकाल 2020 में खत्म हो गया था। लेकिन तब से कैंटोनमेंट बोर्ड का चुनाव नहीं हुआ है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ ने कहा कि हम एक लोकतांत्रिक समाज में हैं। ऐसे में लोकतांत्रिक तरीके से चुने संस्थानों को लोगों पर राज करना च...
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