नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल द्वारा जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम आदेश पारित किया है। हाई कोर्ट ने कहा है कि किसी मामले को एक जज से दूसरे जज को ट्रांसफर करने का उस जज पर निराशाजनक, मनोबल गिराने वाला और हताश करने वाला असर पड़ सकता है। ऐसा आम तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने 9 अप्रैल के एक आदेश में कहा कि गया कि ऐसी शक्ति का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर, सावधानी से और सिर्फ खास स्थितियों में ही किया जाना चाहिए। यह आदेश सोमवार को सार्वजनिक किया गया। कोर्ट भ्रष्टाचार के एक मामले में दो आरोपियों की याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें उन्होंने ट्रायल कोर्ट के अपने मामले को दूसरी जगह भेजने से इनकार करने के फैसले को चुनौती दी थी। यह भ...
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