बगहा, जनवरी 24 -- पश्चिम चंपारण जिले में किसान क्रेडिट कार्ड की उपलब्धि 50 फीसदी से भी कम है। बैंकों के द्वारा किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ नहीं मिलने के कारण साहूकारों के भरोसे यहां के किसान खेती-बारी कर रहे हैं। केसीसी लेने की राह में एलपीसी और सिबिल स्कोर किसानों की राह में रोड़े अटका रहा है। खुद के नाम से जमीन नहीं होने पर अंचल से एलपीसी जारी नहीं किया जा रहा है। यदि एलपीसी मिल भी गया तो सिबिल स्कोर का हवाला देकर बैक किसानों को उल्टे पांव लौटा दे रहे हैं। पैसे के अभाव में वे सेठ-साहूकारों से पांच से 10 फीसदी प्रति माह के ब्याज पर कर्ज लेकर खाद, बीज खरीदने संग खेती की अन्य लागत वहन कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई, अनाजों का उचित समर्थन मूल्य नहीं मिलने और मौसम के बेरुखी से पहले से ही किसान परेशान हैं। औसत से कम बारिश होने से उत्पादन प्रभावित हु...