रांची, जुलाई 3 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के प्रसार शिक्षा निदेशालय की ओर से- जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कृषि और संबद्ध क्षेत्रों पर जलवायु के प्रभावों का प्रबंधन, विषय पर राज्य के सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को हुई। प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ एससी दुबे ने कहा कि झारखंड की 80 प्रतिशत खेती वर्षा आधारित है और वर्तमान परिस्थिति में मौसम के विभिन्न अवयव, जैसे- वर्षा की प्रवृत्ति, तापमान, हवा की गति, दिशा, हवा का दबाव, सूर्य प्रकाश की तीव्रता आदि में परिर्वतन हो रहा है। ऐसी परिस्थिति में कृषि वैज्ञानिकों को इसके तत्काल प्रभाव के प्रबंधन से सम्बन्धित तकनीकों का प्रसार करना चाहिए।

प्रशिक्षण के उद्दे...