बहराइच, अप्रैल 29 -- बहराइच, संवाददाता। कृषि विज्ञान केंद्र, बहराइच-प्रथम पर बुधवार को 'उर्वरकों का संतुलित प्रयोग' विषय पर विशेष जागरूकता अभियान आयोजित हुआ। कार्यक्रम वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सीपीएन गौतम के दिशानिर्देशन में हुआ। डॉ. गौतम ने बताया कि बेहतर उत्पादन के लिए केवल एनपीके ही नहीं, जिंक, आयरन, बोरॉन और सल्फर जैसे द्वितीयक व सूक्ष्म पोषक तत्वों का प्रयोग भी जरूरी है। असंतुलित उर्वरक से मिट्टी की सेहत बिगड़ती है और लागत बढ़ती है।उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों के साथ गोबर की खाद, कम्पोस्ट या वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग करने से मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनी रहती है। किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही उर्वरक डालने की सलाह दी। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. अरुण कुमार राजभर और डॉ. प्रियंका सिंह ने ...