अभिषेक सिंह, मार्च 24 -- सेक्स एजुकेशन जरूरी है। लेकिन, सिर्फ सात फीसदी किशोरों को ही घर से सेक्स जानकारी मिली है। जबकि 51 फीसदी को इसका ज्ञान गूगल ने दिया। वहीं, बालिग की उम्र भले ही 18 साल होती है लेकिन, 49 फीसदी छात्र सिर्फ 15 साल की उम्र में ही सेक्स को समझने व जानने लगते हैं। यह खुलासा आईआईटी के सेंटर फॉर मेंटल हेल्थ एंड वेलबीइंग्स में सेक्स एजुकेशन के दौरान हुआ। जिसमें 80 फीसदी छात्रों ने माना कि सेक्स एजुकेशन को एकेडमिक करिकुलम में शामिल करने की आवश्यकता है। जेंडर उत्पीड़न और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सेक्स एजुकेशन जरूरी है। जिसको लेकर लगातार जागरूकता फैलाई जा रही है। इसके बावजूद न तो अभिभावक अपने बच्चों को पूरी तरह सेक्स एजुकेशन के बारे में बता रहे हैं और न ही स्कूल-कॉलेजों में इस शिक्षा को लेकर बताया जाता है। आईआईटी मे...
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