विधि संवाददाता, मई 11 -- UP News : कैट (Central Administrative Tribunal) की इलाहाबाद पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि जब तक किसी कर्मचारी का जाति प्रमाण पत्र सक्षम प्राधिकारी द्वारा रद्द नहीं किया जाता, तब तक उसकी नियुक्ति को केवल संदेह के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। यह आदेश ​न्यायमूर्ति ओम प्रकाश सप्तम और मोहन प्यारे की पीठ ने डाक विभाग के कर्मचारी संदीप कुमार गोंड की याचिका पर उसके अधिवक्ता मयंक कृष्ण सिंह चंदेल व दूसरे पक्ष के वकील को सुनकर दिया है। इसी के साथ कैट ने डाक विभाग में कार्यरत संदीप कुमार गोंड की बर्खास्तगी के आदेश को रद्द करते हुए उसे सभी सेवा लाभ के साथ बहाल करने का निर्देश दिया है। संदीप कुमार गोंड को वर्ष 1999 में आजमगढ़ जिले के पथखौली में अतिरिक्त विभागीय डाक चपरासी के पद पर अनुसूचित जाति कोटे के तहत निय...