केवल विदेशियों के यात्रा वृत्तांतों से इतिहास समझना बड़ी भूल: डॉ. बाल मुकुंद
गोरखपुर, जुलाई 17 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग, सतीश चंद्र मित्तल शोध संस्थान, गोरखपुर तथा भारतीय इतिहास संकलन समिति, गोरक्ष प्रांत की तरफ से अकादमिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारतीय इतिहास लेखन में नए बदलाव एवं चुनौतियां विषय पर आयोजित कार्यक्रम में इतिहास लेखन के बदलते प्रतिमानों, औपनिवेशिक इतिहास दृष्टि की समीक्षा तथा भारतीय परिप्रेक्ष्य से इतिहास के पुनर्लेखन की आवश्यकता पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पाण्डेय ने कहा कि भारतीय इतिहास को केवल विदेशी यात्रियों के वृत्तांतों, मुगलकालीन अभिलेखों और औपनिवेशिक इतिहासकारों के लेखन के आधार पर समझना भारतीय इतिहास के साथ बड़ी विडंबना है। विभागाध्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.