केवल प्रताड़ना सुसाइड साबित करने के लिए काफी नहीं; छात्रा सुसाइड केस में एमपी HC
भोपाल, जुलाई 29 -- साल 2018 में इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की एमडी छात्रा की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने (एबेटमेंट टू सुसाइड) के मामलों में एक कानूनी लाइन खींची। कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध तभी बनता है जब आरोपी का ऐसा प्रत्यक्ष, स्पष्ट और घटना से निकट संबंध रखने वाला कृत्य साबित हो, जिसने पीड़ित को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए विवश किया हो। केवल फीस विवाद, छुट्टी नहीं मिलना, स्टाइपेंड में कटौती, मानसिक तनाव या संस्थागत स्तर पर उत्पन्न विवाद को आत्महत्या के लिए उकसाने का आधार नहीं माना जा सकता। जस्टिस जय कुमार पिल्लई की एकलपीठ ने यह टिप्पणी राज्य सरकार द्वारा ट्रायल कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते ह...
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