वाराणसी, अप्रैल 10 -- वाराणसी। हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों की उपलब्धियों और सबक पर शुक्रवार को बीएचयू के पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग में मंथन शुरू हुआ। 'हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष : इतिहास, परंपरा और चुनौतियां' विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पत्रकारिता में महामना की भूमिका और हिन्दुस्तान टाइम्स से उनके जुड़ाव पर विद्वानों ने विचार रखे।वैदिक विज्ञान केंद्र सभागार में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि पत्रकारिता ने समाज की चेतना को नया रूप दिया और विचारों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम प्रदान किया। उन्होंने वर्तमान समय में हेडलाइंस के बढ़ते महत्व, पाठकों के घटते धैर्य और पत्रकारिता के समाज पर प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल दर्पण ही नहीं, बल्कि...
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