अररिया, मई 16 -- अररिया, एक संवाददाता अगर कोई साधक रामाश्रम सत्संग के बताए अनुसार ध्यान साधना की क्रिया को मात्र आठ दिन सुबह शाम नियम पूर्वक करते हैं, तो निश्चित रूप से साधना करने वाले साधक को अपने आप अविस्मरणीय सुखद बदलवा का अनुभव स्वत: हो जाता है। यह बातें शनिवार को स्थानीय ओम नगर स्थित प्राइम हॉल विवाह भवन के प्रांगण में रामाश्रम सत्संग मथुरा उपकेंद्र अररिया के तत्वावधान में आयोजित द्विदिवसीय आध्यात्मिक आंतरिक साधना शिविर के प्रथम सीटिंग के अवसर पर अलीगढ़ से पधारे आचार्य देवेंद्र गौर ने उपस्थित साधकों व श्रद्धालुओं से कही। उन्होंने कहा कि हमारे रामाश्रम सत्संग में बताई गई साधना की पूजा पद्धति, जिसे हमलोग आंतरिक साधना भी कह सकते हैं, लगातार 15 मिनट सुबह व शाम निश्चित समय पर निश्चित आसन के साथ करने पर सत्संग प्रेमियों को पता चल जाएगा कि म...