चंदौली, अप्रैल 10 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। इलिया कस्बा में मां काली सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही नव दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन बुधवार को केवट-राम संवाद का प्रसंग मुख्य आकर्षण रहा। कथा वाचक पं. मारुति किंकर ने इस प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। उन्होंने बताया कि वनगमन के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण जब गंगा तट पर पहुंचे, तो केवट को नाव लेकर बुलाया गया। केवट ने प्रभु के चरणों का महत्व बताते हुए पहले उन्हें धोने की विनती की। उसके भावपूर्ण संवाद पर श्रद्धालु भावुक होने के साथ ही मुस्कुरा भी उठे और पंडाल तालियों से गूंज उठा। कथावाचक ने कहा कि केवट का यह प्रसंग सच्ची भक्ति, समर्पण और निष्काम सेवा का प्रतीक है। उसने भगवान को राजा नहीं, बल्कि अपने आराध्य के ...