चंदौली, अप्रैल 24 -- इलिया, हिन्दुस्तान संवाद। सैदूपुर कस्बा स्थित राइस मिल प्रांगण में श्रीराम सेवा समिति के तत्वावधान में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के सातवें दिन बुधवार को वनगमन के मार्मिक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा वाचिका आचार्या बाल विदुषी पूर्णिमा ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के वन यात्रा के दौरान घटित घटनाओं को विस्तार से सुनाया, जिससे पूरा पंडाल भक्ति और करुणा के भाव से भर उठा।उन्होंने बताया कि वनगमन के दौरान प्रभु श्रीराम को गंगा नदी पार कर चित्रकूट पहुंचना था। इस दौरान केवट प्रसंग का वर्णन करते हुए आचार्या ने कहा कि केवट ने प्रभु के चरण धोकर ही उन्हें नाव पर बैठाने की अनुमति दी और चरणामृत को ग्रहण कर स्वयं को धन्य किया। यह भी पढ़ें- रामकथा के चौथे लक्ष्मण की नीति और भक्ति रहा मुख्य केंद्र यह प्र...