शाहजहांपुर, नवम्बर 14 -- फोटो 29:::कैंट स्थित रामलीला मैदान में आरती करते स्वामी चिन्मयानंद। शाहजहांपुर, संवाददाता। कैंट स्थित रामलीला मैदान में मंगलमय परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा का छठा दिवस पूर्णतः भक्ति, समर्पण और विनम्रता की अलौकिक छटा से ओतप्रोत रहा। विजय कौशल महाराज ने जैसे ही केवट प्रसंग का वर्णन आरंभ किया, पूरा पंडाल भाव-विह्वल होकर शांत हो गया। ऐसा लगा जैसे केवट स्वयं कथा स्थल पर उपस्थित होकर प्रभु श्रीराम के चरण धो रहा हो और भक्तों के हृदय में भक्ति की निर्मल धारा बह पड़ी हो। कथा व्यास ने कहा कि रामायण की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि इसमें विद्वानों के साथ-साथ उन सरल हृदय भक्तों को भी सर्वोच्च स्थान मिला है, जिनके भीतर केवल प्रेम और समर्पण है, फिर चाहे वह राजा हों या साधारण केवट। उन्होंने बताया कि जब वनगमन के दौरान राम, लक्ष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.