केरल में ढहा लेफ्ट का आखिरी गढ़, अब राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा भी जाएगा? क्या कहते हैं नियम
नई दिल्ली, मई 5 -- केरल विधानसभा चुनाव 2026 भारत में लेफ्ट पार्टियों के लिए एक बड़ा झटका लेकर आया है। सीपीआई एम के नेतृत्व में केरल की सत्ता पर बैठे एलडीएफ गठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। दस वर्षों तक राज्य की सत्ता संभालने वाले एलडीएफ गठबंधन को केरल की जनता ने इस बार केवल 35 सीटों पर समेट दिया है। यह पिछले चार दशक में राज्य में उसका सबसे खराब प्रदर्शन है। सीपीआई एम की इस हार ने न केवल केरल में उसकी सत्ता को छीना है, बल्कि राष्ट्रीय पार्टी के उसके दर्जे को भी खतरे में डाल दिया है। 1977 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि देश के किसी भी राज्य में लेफ्ट पार्टियों की सरकार नहीं है। कभी पश्चिम बंगाल, केरल और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति के केंद्र में रहने वाला वामपंथ अब हाशिए पर नजर आ रहा है। वामपंथ की इस स्थिति की शुरुआत 2011 में बंगाल...
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