बांका, मार्च 1 -- बांका, निज प्रतिनिधि। केरल के बाद अब बिहार में भी तिलापिया मछली का उत्पादन किया जायेगा। जिसे एक्वेटिक चिकन भी कहा जाता है। जो बांका जिले के जलाशयों व तालाबों में भी आकार लेगा। तिलापिया मछली अपनी उत्पादन क्षमता के कारण आमदनी का बेहतर विकल्प है। मत्स्यपालाकों के बीच इसे प्रचलित करने के लिए पहली बार इसपर पर प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए सूबे में जल संसाधनों से अच्छादित जिलों में मत्स्य विभाग तिलापिया मछली की हैचरी, प्रोड्क्शन व प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगा। बिहार में सबसे अधिक 10 जलाशय बांका जिले में हैं। जिसका जल क्षेत्र 50 हजार हेक्टेयर है। यहां 20 एकड भूमि में तिलापिया मछली की हैचरी, प्रोड्क्शन व प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किये जाएंगे। जहां मछली का उत्पादन व बीज तैयार करने के साथ ही उसका उत्पाद भी तैयार किया जाएगा। इ...
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