केरल के जंगल में मानव वन्यजीव संघर्ष और पर्यटन के मॉडल से पीटीआर ने ली सीख
पीलीभीत, अगस्त 20 -- पीलीभीत। गॉड्स आउन कंट्री (भगवान का अपना देश) की तर्ज पर जिस तरह से केरल में पर्यटन को लेकर संभावनाओं का विस्तृत आकाश है। ठीक उसी तरह से वहां मानव वन्यजीव संघर्ष जैसी तमाम समस्याओं पर किया जा रहा काम पीटीआर में भी मॉडल बनेगा। चिड़िया, मोर, सर्प, हाथी, बाघ आदि को लेकर चुनौतियों से पार पा चुके केरल में हुए अध्ययन व मंथन के बाद पीटीआर ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं। दरअसल पिछले दिनों केरल में दस से 14 अगस्त के बीच आयोजित हुई कार्यशाला में देश के कई टाइगर रिजर्व के डीएफओ का जमावड़ा रहा। केरल में हुई कार्यशाला में बताया गया कि चार वर्गों और दस मिशन बना कर मानव वन्यजीवों से होने वाले नुकसान और उनके निदान पर काम किया जाता है। इसमें बाघ तेंदुआ, चिड़िया, मोर हाथी आदि से होने वाले नुकसान को देखा जाता है。
नुकसान से लेकर मुआव...
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