नई दिल्ली, मार्च 10 -- केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक याचिका खारिज कर दी। याचिका में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा अधिकारियों को भेजे जा रहे कथित ई-मेल और संदेशों पर रोक लगाने की मांग की गई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि इन ई-मेल और संदेशों में राज्य सरकार की उपलब्धियों का प्रमुखता से उल्लेख किया जा रहा है और इन्हें रोकने की मांग की गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस संबंध में दायर याचिका खारिज कर दिया। न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस ने मलाप्पुरम के एक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रशीद अहमद और तिरुवनंतपुरम के सचिवालय में लिपिक सहायक अनिल कुमार के.एम की ओर से दायर याचिका खारिज कर दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...