नई दिल्ली, अक्टूबर 26 -- केरलम विधानसभा ने सोमवार को 'केरल कोर्ट फीस एंड सूट्स वैल्युएशन एक्ट' में एक संशोधन पारित किया। इसके तहत अदालत के बाहर सुलझाए गए मामलों में जमा की गई अतिरिक्त कोर्ट फीस वापस नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री वीडी सतीसन द्वारा पेश किया गया यह संशोधन, 'सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908' की धारा 89 के तहत वैकल्पिक विवाद समाधान के माध्यम से सुलझाए गए मामलों में, वादियों द्वारा भुगतान की गई अतिरिक्त अदालती फीस की वापसी से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास करता है।

संशोधन में क्या है प्रावधान इस विधेयक को सबसे पहले विधानसभा में पेश किया गया था और 12 अक्तूबर को इसे 'विषय समिति' के पास भेज दिया गया था। मौजूदा व्यवस्था के तहत, 'लीगल एड फंड' (कानूनी सहायता कोष) के लिए जमा की गई राशि का 70 प्रतिशत हिस्सा अधिवक्ता कल्याण ...