जमशेदपुर, मार्च 28 -- झारखंड में पुनर्पदनामित (रिडेजिग्नेटेड) डेमोंस्ट्रेटर की प्रोन्नत मामले में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। राजभवन और सर्वोच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद विभाग ने ऐसे सभी डेमोंस्ट्रेटर को तलब किया है। मई 2025 में सामने आई व्यापक अनियमितताओं में कोल्हान विश्वविद्यालय(केयू) के सात कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, केयू में नियमों को ताक पर रखकर प्रयोगशाला सहायकों (लैब असिस्टेंट) को पहले डेमोंस्ट्रेटर बनाया गया और फिर सीधे एसोसिएट प्रोफेसर जैसे उच्च शैक्षणिक पदों पर प्रोन्नति दे दी गई। इतना ही नहीं, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को शिक्षण कैडर में शामिल कर विभागाध्यक्ष तक की जिम्मेदारी सौंप दी गई। विशेष रूप से उन नियुक्तियों पर सवाल उठे हैं, जो अनुकंपा के आधार पर ...
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