बरेली, मई 1 -- आंवला। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल इंजीयनरिंग के छात्र अब किसानों को इफको नैनो तरल उवर्रक तकनीकि सिखायेंगे। आयोजित व्याख्यान में युवा इंजीनियरों ने इफको नैनो उर्वरक की गुणवत्ता और उन्नतशील कृषि में ड्रोन की उपयोगिता को समझा।इफको कारडेट के प्रमुख डा. अरविंद ढाका ने व्याख्यान गोष्ठी में बताया कि खेत की मिट्टी के स्वास्थ्य और उसमें मौजूद नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटैशियम लहलहाती फसलों के लिए जरूरी प्राथमिक पोषक तत्व हैं। मिट्टी को उपजाऊ बनाये रखने के लिए रासायनिक उर्वरक की खपत को कम करें और मिट्टी की जांच अवश्य करायें। किसान कम लागत में इफको के नैनो तरल उर्वरक का प्रयोग कर ज्यादा लाभ अर्जित कर सकता है। यह भी पढ़ें- नैनो डीएपी, यूरिया के प्रयोग से पौधों का होता है संतुलित विकास ड्रो...
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