केतु के नक्षत्र में शुक्र गोचर: 4 जुलाई से इन 5 राशियों की बढ़ेगी टेंशन, राहत देंगे ये 5 उपाय
नई दिल्ली, जुलाई 2 -- Shukra nakshatra parivartan 2026: ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को भोग-विलासिता का कारक माना जाता है। शुक्र धन-संपदा, सुख-सौंदर्य और वैभव-ऐश्वर्य आदि के कारक हैं। शुक्र समय-समय पर राशि परिवर्तन की तरह नक्षत्र परिवर्तन भी करते रहते हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, 4 जुलाई 2026 को शुक्र मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे। मघा नक्षत्र के स्वामी केतु हैं। केतु के नक्षत्र में शुक्र गोचर एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। एस्ट्रोलॉजर नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, केतु के नक्षत्र में शुक्र का प्रभाव अनुकूल और प्रतिकूल दोनों तरह का हो सकता है। जब केतु के प्रभाव या छाया में शुक्र आते हैं तो यह व्यक्तित्व, स्वभाव, प्रेम और वित्तीय स्थिति को प्रभावित करते हैं। शुक्र शुभता का प्रतीक है, जबकि केतु आकस्मिक घटनाओं का कारक माना जाता है। शुक्र के मघा...
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