नवादा, जनवरी 28 -- नवादा। हिन्दुस्तान संवाददाता भारतीय रेलवे एक ओर जहां अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों के कायाकल्प और विश्वस्तरीय सुविधाओं का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं किऊल-गया रेलखंड की हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट है। इस रेलखंड पर स्थित अधिकांश स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को सफर के दौरान हर कदम पर शर्मिंदगी और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है। सबसे भयावह स्थिति स्वच्छता और प्रसाधन सुविधाओं की है, जहां एक अदद चालू शौचालय तक नसीब नहीं है। इसका जीता-जागता उदाहरण नवादा स्टेशन है। महिलाओं के लिए नवादा स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में समय बिताना किसी सजा से कम नहीं है। अमृत भारत योजना की चमक के पीछे सिसकती बुनियादी सुविधाएं महिला यात्रियों की गरिमा दांव पर लगा रही हैं। आमजन...
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