लखनऊ, जून 8 -- -डॉक्टर इंडेंट पर हस्ताक्षर करने में भी बरत रहे सावधानी लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता।

दवा घोटाले का असर केजीएमयू के यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों रुपये के कथित दवा घोटाला सामने आने के बाद दवाओं की खरीद और मांग को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। घोटाले की जांच शुरू होने के बाद विभिन्न विभागों से दवाओं की मांग में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। डॉक्टर अब मरीजों के लिए दवाएं लिखने और इंडेंट भेजने में पहले की तुलना में अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। जबकि ज्यादा विभाग में बेड भरे हैं।

अन्य विभागों में भी गिरावट यूरोलॉजी विभाग ही नहीं बल्कि मेडिसिन, सर्जरी, नेत्र रोग, कैंसर और अन्य विभागों से भी दवाओं की मांग में खासी गिरावट आई है। पहले जहां वार्ड में भर्ती मरीजों के लिए नियमित रूप से बड़ी मात्रा में दवाओं का इंडेंट भेजा जाता था...