लखनऊ, अप्रैल 21 -- केजीएमयू में रेजीडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के धर्मांतरण गिरोह का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है कि एक और बड़ा मामला पकड़ा गया। डीन डॉक्टर केके सिंह ने मंगलवार दोपहर छात्र-छात्राओं की मदद से परिसर से 12वीं पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद को पकड़ लिया। डीन ने दावा किया कि हस्साम खुद को डॉक्टर बताकर उनकी फोटो अपने व्हाट्सऐप डीपी में लगाकर संस्थान के मेडिकल छात्र-छात्राओं से बात करता था। एक संस्था के नाम से आयोजित मोहल्ला क्लीनिक (मुस्लिम बस्तियों) में लोगों का इलाज कराने के नाम पर छात्र-छात्राओं को बुलाता था। वहां उन्हें बरगला कर दिल्ली और अमेरिका में प्रशिक्षण कराने का झांसा देकर धर्मांतरण जैसी बड़ी साजिश रच रहा था। यह भी पढ़ें- केजीएमयू में जूनियर रेजिडेंट लिख रहे निजी पैथोलॉजी की जांचें गिरोह में शहर के कई मेडिकल संस्थानों के म...