लखनऊ, जून 9 -- केजीएमयू में तदर्थ नियुक्तियों को लेकर चल रहा विवाद अब शासन स्तर की जांच में पहुंच गया है। आरोप है कि कई कर्मचारियों को नियमों के विपरीत तदर्थ आधार पर नियुक्ति दी गई। बाद में उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह वरिष्ठता, पदोन्नति, वेतनमान समेत अन्य सेवा लाभ दे दिए गए। इस संबंध में शासन ने केजीएमयू प्रशासन को पत्र भेजकर जवाब मांगा है। शासन ने केजीएमयू प्रशासन से पूछा है कि जिन कर्मचारियों को तदर्थ आधार पर नियुक्त किया गया था, उनका विनियमितीकरण किस नियम, शासनादेश या कानूनी प्रक्रिया के तहत किया गया। इसके अलावा यह भी पूछा गया कि उन्हें नियमित कर्मचारियों के समान लाभ देने का आधार क्या था? शासन के पत्र से केजीएमयू में खलबली मच गई है। आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर तदर्थ कर्मचारियों को लंबे समय तक सेवा लाभ दिए गए, जिससे सरकारी धन पर...