लखनऊ, अगस्त 4 -- केजीएमयू में कुलपति और कुलसचिव के बीच प्रशासनिक खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में मंगलवार को कार्य परिषद की बैठक हुई। जिसमें कार्यपरिषद के सदस्यों ने कुलसचिव स्तर पर कर्मचारियों के मानकीकरण के फैसले के अनुपालन में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। सदस्यों ने आरोप लगाया कि मई 2026 में लिए गए कई महत्वपूर्ण निर्णय तीन माह बाद भी लागू नहीं किए गए हैं। इस संबंध में कार्यपरिषद के सदस्यों ने कुलपति को लिखित प्रतिवेदन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। बैठक में वरिष्ठ सदस्य डॉ. ओपी सिंह ने कहा कि कार्य परिषद के कई निर्णयों का क्रियान्वयन जानबूझकर रोका गया है। कर्मचारियों के मानकीकरण (रेगुलराइजेशन) के मामले को उठाते हुए उन्होंने कहा कि परिषद के अनुसार मई में इस संबंध में आदेश जारी हो जाना चाहिए...