लखनऊ, जुलाई 4 -- केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में करोड़ों रुपये के दवा घोटाले की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जांच समिति ने यूरोलॉजी विभाग के आरोपी संविदा कर्मचारी की बंद अलमारी खुलवाई तो उसमें लाखों रुपये कीमत की महंगी दवाएं बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ये दवाएं करीब 150 मरीजों के नाम पर आयुष्मान भारत और असाध्य रोग योजना के तहत मंगाई गई थीं। बीते गुरुवार को जांच समिति की मौजूदगी में अलमारी खोलकर सभी दवाओं का रिकॉर्ड तैयार किया गया। बरामद दवाओं को सुरक्षित कब्जे में लेकर स्टॉक रजिस्टर और मरीजों के रिकॉर्ड से उनका मिलान शुरू कर दिया गया है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इन दवाओं को अवैध रूप से बेचने की तैयारी तो नहीं थी। दवाओं की कुल कीमत का आंकलन अभी नहीं किया जा सका है। फिलहाल जांच कमेटी दवाओं की लिस्ट समेत दूसरी जान...