लखनऊ, अप्रैल 27 -- लखनऊ,रजनीश रस्तोगी, वरिष्ठ संवाददाता। मरीजों को अत्याधुनिक इलाज मुहैया कराने की दिशा में केजीएमयू ने एक और बड़ा कदम उठाया है। अब यहां रोबोटिक तकनीक से घुटना प्रत्यारोपण यानी नी रिप्लेसमेंट की सुविधा शुरू होने जा रही है। आर्थोपैडिक्स विभाग में करीब साढ़े छह करोड़ रुपये की लागत से अमेरिकी निर्मित रोबोट स्थापित कर दिया गया है। आर्थोपैडिक्स विभाग के अधिकांश चिकित्सकों को रोबोटिक सर्जरी के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिलाया जा चुका है। कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि केजीएमयू में अभी पारंपरिक ओपन सर्जरी के जरिए घुटना प्रत्यारोपण किया जा रहा है। एक ऑपरेशन पर करीब एक लाख दस हजार रुपये का खर्च आता है। यह भी पढ़ें- घुटना प्रत्यारोपण के रोगियों में पार्शियल नी सर्जरी अधिक सुगम हर महीने यहां 70 से 80 मरीजों के घुटने बदले जा रहे...
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