लखनऊ, मई 16 -- राजधानी की ट्रॉमा चिकित्सा व्यवस्था बदइंतजमी और लापरवाही की शिकार है। एक तरफ केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में मरीजों की भारी भीड़ है, जहां 400 बेड हमेशा फुल रहते हैं और 100 से अधिक गंभीर मरीज स्ट्रेचर पर ही इलाज कराने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी और हड्डी रोग जैसे महत्वपूर्ण वार्डों में बेड खाली पड़े हैं। दोनों बड़े सरकारी संस्थानों के बीच आपसी तालमेल (समन्वय) की कमी के कारण मरीजों को समय पर मुकम्मल इलाज नहीं मिल पा रहा है। केजीएमयू में मारामारी, पीजीआई में सन्नाटा यह भी पढ़ें- तू कोई VIP है क्या? सुबह आएंगे डॉक्टर! SMS में दर्द से कराहते पिता की मौत; बेटा इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहाकेजीएमयू की स्थिति केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में हालात इतने खराब हैं कि गंभीर मरीजों को इमरजेंसी में घंटों...