लखनऊ, मई 29 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। अब केजीएमयू और सेना के डॉक्टर कठिन परिस्थितियों में इलाज की चुनौतियों का हल खोजने की दिशा में काम करेंगे। इसी मकसद से शुक्रवार को केजीएमयू और ऑफिसर्स ट्रेनिंग सेंटर एंड कॉलेज (भारतीय सेना) के बीच प्रशिक्षण, कार्यशालाओं एवं अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करार हुआ।केजीएमयू के सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किल्स डेवलपमेंट विभाग के प्रभारी डॉ. समीर मिश्रा ने बताया कि भारतीय सेना के डॉक्टरों को लद्दाख की बर्फीली पहाड़ियों, रेगिस्तानी इलाकों और समुद्री क्षेत्रों जैसी अलग-अलग परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। युद्ध, आपदा या बड़े हादसों की स्थिति में सबसे पहले सेना के डॉक्टर ही मोर्चा संभालते हैं। यह भी पढ़ें- सेना चिकित्सा कोर और केजीएमयू में हुआ करार ऐसे में डॉक्टरों को सीमित संसाधनों के बीच बेहतर इलाज...