लखनऊ, मई 8 -- केजीएमयू बाल रोग विभाग के एडिशनल प्रोफेसर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। 11 फरवरी 2026 को एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ने एडिशनल प्रोफेसर पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का गंभीर आरोप लगाया है। विशाखा कमेटी को रेजिडेंट डॉक्टर के आरोप सही मिले। उन्हें छेड़छाड़ का दोषी पाया। विशाखा कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर केजीएमयू कार्यपरिषद ने आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को चार्ज शीट देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बाल रोग विभाग में एमडी की छात्रा जूनियर रेजिडेंट ने एडिशनल प्रोफेसर पर छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद संस्थान प्रशासन ने शिकायत पर आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया था। उन्हें विभाग से अटैच कर दिया। मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय विशाखा कमेटी गठित की गई थी। विशाखा कमेटी ने पीड़िता के आरोप सही पाए। कार्यपरिषद ने आरो...