लखनऊ, मई 26 -- केजीएमयू में खराब लिफ्टों के संचालन से मरीजों और तीमारदारों संग डॉक्टर व कर्मचारियों की जान पर बनी रहती है। केजीएमयू प्रशासन परिसर में लगी लिफ्टों की मरम्मत के लिए हर साल डेढ़ करोड़ रुपये की मोटी रकम भी खर्च कर रहा है। इसके बावजूद लिफ्टें आए दिन खराब होती हैं। आरोप है कि लिफ्टों की मरम्मत का काम सिर्फ कागजों पर ही हो रहा है। केजीएमयू की ओपीडी, वार्डों से लेकर परिसर में करीब 170 लिफ्ट लगी हैं। आए दिन लिफ्ट के खराब होने से मरीज, तीमारदार से लेकर डॉक्टर, कर्मचारी इसमें फंस जाते हैं। इससे मरीजों, तीमारदारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं। केजीएमयू में लगी 170 लिफ्ट के हिसाब से एक लिफ्ट पर हर साल करीब सवा लाख रुपये मरम्मत के नाम पर खर्च किया जा रहा है। फिर भी ज्यादातर लिफ्ट खस्ताहाल हैं。

लिफ्ट में एक घंटे तक फंस गए थे दंपति ...